Electro Homeopathy and Mucormycosis

Electro Homeopathy and Mucormycosis: कोरोना से जीवित बचे लोगों में Mucormycosis Fungal इन्फेक्शन या काली फफूंद को लेकर बढ़ा खतरा |कोरोना संकट के बीच एक काली आफत भी सर पर मंडरा रही है. ब्लैक फंगस कोरोना के मरीज और तुरंत ठीक हुए लोगों के लिए बेहद खतरनाक है.ब्लैक फंगस से आंख पर असर, सांस की दिक्कत- सीने में दर्द और मानसिक स्वास्थ्य पर खतरनाक असर डाल रहा है.यह ब्लैक फंगस उन लोगो को ज्यादा हो रहा हे जिन्हे स्टेरॉयड की ज्यादा खुराख दे कर उनकी इम्युनिटी दबा दी गई हे।

Electro Homeopathy and Mucormycosis
Electro Homeopathy and Mucormycosis

जानिए क्या है Black Fungus

आज पूरा देश कोरोना वायरस संकट की दूसरी लहर से जूझ रहा है। इस समय जो मरीज कोरोना संक्रमित हैं। इलाज के बाद ठीक होने पर उन्हें एक प्रकार इन्फेक्शन का सामना करना पड़ रहा है।
यह म्यूकरमाइकोसिस (mucormycosis) एक तरह का फंगल इंफेक्शन है। जिसे ब्लैक फंगस (black fungus) भी कहा जाता है।

म्यूकरमाइकोसिस की वजह से कोरोना संक्रमित मरीजों के ठीक होने के बाद उनके आंखों की रोशनी चली जाना या कोई दूसरी गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं। गुजरात में अब तक करीब 100 मरीज ऐसे सामने आए हैं जिनमें mucormycosis इन्फेक्शन है। यह एक रेअर फंगल इन्फेक्शन है। अहमदाबाद के एक डॉक्टर के मुताबिक, Asarva civil hospital में करीब 5 मरीजों का हर दिन ऑपेरशन किया जाता है जो कि mucormycosis इन्फेक्शन से पीड़ित हैं।

महाराष्ट्र में सबसे अधिक कोरोना संक्रमित मरीज हैं। कोरोना संक्रमित मरीजो जो ठीक हो चुके हैं। उनमें 8 लोग ऐसे हैं, जो mucormycosis इन्फेक्शन के चलते अपनी आंख की रोशनी गवां चुके हैं और 200 अन्य लोगों का इलाज किया जा रहा है।

क्या है म्यूकरमाइकोसिस

म्यूकरमाइकोसिस एक गंभीर लेकिन रेअर (दुर्लभ) फंगल इन्फेक्शन है। यह कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना मरीजों के ठीक होने के बाद पाया जा रहा है। यह खास तौर से उन लोगों को प्रभावित करता है, जिनमें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं या वो लोग जो दवाइयां लेते हैं जिनकी रोध प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।

कोरोना संक्रमित मरीजों में यह इन्फेक्शन क्यों फैल रहा है??

कुछ डॉक्टरों के अनुसार, म्यूकरमाइकोसिस कोई नई बात नहीं है। इस फंगस के बीजाणु पर्यावरण में मौजूद हैं। जिनकी इम्युनिटी कमजोर होती है उनमें यह अधिक फैलता है। कोरोना संक्रमित मरीजों के बीच इसके बढ़ने का कारण यह है, कि स्टेरॉयड के इस्तेमाल से शुगर का लेवल बढ़ जाता है। और कुछ दवाएं मरीजों की इम्युनिटी को कम कर देती है। ऐसी स्थिति में यह ब्लैक फंगस आसानी से संक्रमित कर देता है।

कोरोना संक्रमित मरीजों की छुट्टी कर देने कुछ हफ्ते बाद यानी ऑफ्टर इफेक्ट के रूप में आम तौर पर यह इन्फेक्शन कोरोना वायरस महामारी के पहले दौर में सामने आया था। हालांकि अब मरीज कोरोना संक्रमण का इलाज कराने के दौरान इस इन्फेक्शन का सामना कर रहे हैं।

म्यूकरमाइकोसिस के लक्षण

नाक व आंख के पास आती है सूजन :
मरीजों की नाक व आंख के बीच के हिस्से में सूजन के बाद जांच कराई गई। जिसमें संक्रमण का पता चला। वह बताते हैं कि म्यूकरमाइकोसिस फंगस नाक के रास्ते दिमाग तक पहुंचता है। रास्ते में आने वाली हड्डी व त्वचा को फंगस नष्ट कर देता है। इससे मरीज की मौत तक हो सकती है। मरीज के आंखें खराब हो सकती हैं। रोशनी भी जा सकती है।

सिरदर्द, बुखार, खांसी, आंखों के नीचे दर्द, नाक बहना, मतली या उल्टी होना, कम दिखाई देना, छाती में दर्द, सांस लेने में तकलीफ जैसी तमाम लक्षण नजर आते है।

Electro Homeopathy and Mucormycosis

  • A2+P1+VER1+C13 more lighter
  • S1+C1+A3+Ven1+P3+WE D5
  • ये ऊपर वाला उपचार हम हर व्यक्ति का सुरु कर सकते हे जो ऑक्सीजन और स्टेरॉयड सपोर्ट पर अस्पताल में भर्ती रह कर ठीक हो गए हे।

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