Electro Homeopathic Treatment of Corns

Electro Homeopathic Treatment of Corns: कॉर्न्स या गोखरू त्वचा की मोटी, कठोर परतें होती हैं जो तब विकसित होती हैं जब आपकी त्वचा घर्षण और दबाव से खुद को बचाने की कोशिश करती है। वे अक्सर पैरों और पैर की उंगलियों या हाथों और उंगलियों पर विकसित होते हैं। कॉर्न्स अक्सर छोटे-छोटे, परतदार गोल चक्र के आकार के होते हैं, जो आम तौर पर पैरों की उंगलियों के ऊपर, बराबर में या तलवे पर विकसित होते हैं। लेकिन ये कहीं भी विकसित हो सकते हैं। फुट कॉर्न अक्सर दुबले-पतले लोगों के पैरों में होते हैं, क्योंकि उनकी त्वचा में चर्बी (गद्दापन) की कमी होती है।इसके साथ ही जो लोग सही फिटिंग के जूते नहीं पहनते हैं। या जिनके पैरों में अधिक पसीना आता है।

Electro Homeopathic Treatment of Corns
Electro Homeopathic Treatment of Corns

Cause of Corns

यदि आपको मधुमेह या कोई अन्य स्थिति है जो आपके पैरों में खराब रक्त प्रवाह का कारण बनती है, तो आपको कॉर्न्स और कॉलस से जटिलताओं का अधिक खतरा होता है। वो लोग जो दिन में ज्यादातर समय खड़े रहते हैं, उन लोगों में यह समस्या अधिक होती हैं। फुट कॉर्न पुरूषों की तुलना में महिलाओं को ज्यादा होता है।

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Symptoms of Corns : फुट कॉर्न एक व्यक्ति को ऐसा महसूस करवा सकता है, जैसे कि वह पत्थरों पर चल रहा हो।

  • एक कठोर तथा ऊपर की तरफ हुई गांठ
  • प्रभावित त्वचा खुरदरी तथा मोटी होना
  • त्वचा में चुभने जैसा लगना
  • त्वचा पर सूखी या मोम जैसी परत बनना
  • त्वचा के अंदर दर्द या छूने पर दर्द महसूस होना
  • चलने या अन्य गतिविधियां करते समय दर्द महसूस होना, इत्यादि।

Electro Homeopathic Treatment of Corns

यदि आप स्वस्थ हैं, तो आपको कॉर्न्स के लिए उपचार की आवश्यकता नहीं होती है, यदि वे असुविधा पैदा नहीं करते हैं। ज्यादातर लोगों के लिए, बस घर्षण या दबाव के कारन को समाप्त करने से कॉर्न्स गायब हो जाते हैं।

  • C3+A2+Ven1+GE – D8 – 10 Drops 5 Times a day
  • S3+F1+WE – D4 10 Drops TDS Before Meal
  • A2+C5+GE – D4 in RS Dressing on corn

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