Electro Homeopathic Treatment of Acid Reflux Disease

Electro Homeopathic Treatment of Acid Reflux Disease: हमारे पेट के प्रवेश द्वार पर एक वाल्व होता है, जो मांसपेशियों का एक छल्ला होता है जिसे लोअर एसोफेजियल स्फिंक्टर (LES) कहा जाता है। आम तौर पर, जैसे ही भोजन इससे गुजरता है, एलईएस बंद हो जाता है। यदि एलईएस पूरी तरह से बंद नहीं होता है या यदि यह बहुत बार खुलता है, तो आपके पेट द्वारा उत्पादित एसिड आपके एसोफैगस में जा सकता है। इससे सीने में जलन जैसे लक्षण हो सकते हैं जिन्हें हार्टबर्न कहा जाता है।

Electro Homeopathic Treatment of Acid Reflux Disease
Electro Homeopathic Treatment of Acid Reflux Disease

What is Acid Reflux

एसिड रिफ्लक्स की समस्या को चिकिस्तक भाषा में गैस्ट्रोइसोफेजियल रिफलक्स डिजीज (GERD) कहा जाता हैं। एसिड रिफ्लक्स की समस्या आजकल लोगो में अधिक देखी जा रही है चाहे बच्चा, वयस्क व वृद्ध हो। अक्सर लोगो की खान-पान की गलत आदते व दिनचर्या जैसे असमय भोजन करने से या खाली पेट रहने और खाते ही लेट जाना इत्यादि एसिड रिफ्लक्स का कारण बनता हैं। एसिड रिफ्लक्स होने पर भोजन बार-बार गले तक आने लगता है और अधिक गंभीर होने पर खट्टी डकारे भी आने लगती हैं।

एसिड रिफ्लक्स रोग का कारण क्या है? Symptoms of Acid Reflux


एसिड रिफ्लक्स रोग का एक सामान्य कारण पेट की असामान्यता है जिसे हिटाल हर्निया कहा जाता है। यह तब होता है जब पेट का ऊपरी हिस्सा और एलईएस डायाफ्राम से ऊपर चले जाते हैं, एक मांसपेशी जो आपके पेट को आपकी छाती से अलग करती है। आमतौर पर डायफ्राम हमारे पेट में एसिड को बनाए रखने में मदद करता है। लेकिन अगर आपको हाइटल हर्निया है, तो एसिड आपके अन्नप्रणाली में जा सकता है और एसिड रिफ्लक्स रोग के लक्षण पैदा कर सकता है।

एसिड रिफ्लक्स रोग के लिए ये अन्य सामान्य जोखिम कारक हैं:

  • अधिक भोजन करना या भोजन के ठीक बाद लेटना
  • अधिक वजन या मोटापा होना
  • भारी भोजन करना और अपनी पीठ के बल लेटना या कमर के बल झुकना
  • सोने के समय के करीब नाश्ता
  • कुछ खाद्य पदार्थ, जैसे कि साइट्रस, टमाटर, चॉकलेट, पुदीना, लहसुन, प्याज, या मसालेदार या वसायुक्त भोजन खाना
  • शराब, कार्बोनेटेड पेय, कॉफी, या चाय जैसे कुछ पेय पदार्थ पीना
  • धूम्रपान
  • गर्भवती होने
  • एस्पिरिन, इबुप्रोफेन, कुछ मांसपेशियों को आराम देने वाले, या रक्तचाप की दवाएं लेना

एसिड रिफ्लक्स के सामान्य लक्षण हैं:

  • सीने में जलन होना।
  • शरीर की पाचन क्रिया खराब रहना।
  • गले में जलन होना।
  • अपच होना।
  • अनियमित दिनचर्या होना।
  • खराब खान -पान।
  • खट्टी डकार आना।
  • घबराहट महसूस होना।
  • पेट के निचले हिस्से में जलन होना।
  • मुंह में भोजन वापस आना।
  • भोजन निगलने में कठिनाई आना।
  • छाती में जलन होना।

Prevention of Acid Reflux in Hindi
एसिड रिफ्लक्स से बचाव करने के लिए निम्न उपाय अपना सकते हैं।

  • रोजाना व्यायाम करना चाहिए।
  • कोई ऐसे व्यायाम नहीं करे जिससे पेट पर अधिक बल लगे।
  • हमेशा सोने के 2 या 3 घंटे पहले भोजन करें।
  • ढीले ढाले कपडे पहने।
  • धूम्रपान व शराब का सेवन ना करें।
  • भोजन में कम मसालों का सेवन करें।
  • साल में एक बार डॉक्टर से परमर्श जरूर करे।
  • बीज जैसा फल जरूर खाएं।
  • दिन में तीन बार थोड़ा (एक छोटा कप) ठंडा मीठी दूध पीएं।

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